मुहावरे और लोकोक्तियां
(अ) [HSLC '10]
प्रश्न: निम्नलिखित मुहावरों में से किन्हीं पाँच का प्रयोग करके वाक्य बनाओ :
- आस्तीन का साँप
- ईंट का जवाब पत्थर से देना
- होश उड़ जाना
- चोट पर नमक छिड़कना
- जले पर नमक
- पसीना-पसीना होना
उत्तर (वाक्य प्रयोग):
- वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त था, लेकिन बाद में वह आस्तीन का साँप निकला।
- उसने हमला किया, तो हमने भी ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
- अचानक बाघ को देखकर मेरे होश उड़ गए।
- वह मेरी हार पर हँसकर चोट पर नमक छिड़क रहा था।
- हार के बाद उसकी बातों से जले पर नमक पड़ गया।
- गर्मी में दौड़ लगाकर मैं पसीना-पसीना हो गया।
(आ) [HSLC '11]
प्रश्न:
- आँखों में आँसू भर आना
- मन ही मन जलना
- मन बहलाना
- लल्लन–टॉप बनना
उत्तर:
- उसकी विदाई देखकर मेरी आँखों में आँसू भर आए।
- मेरी सफलता देखकर वह मन ही मन जल रहा था।
- बच्चों को कार्टून दिखाकर उनका मन बहलाया।
- वह परीक्षा में अव्वल आकर लल्लन–टॉप बन गया।
(इ) [HSLC '12]
प्रश्न:
- हाथ मलना
- फूलना न समाना
- हाथ मिलाना
उत्तर:
- मौका चूक जाने पर वह हाथ मलता रह गया।
- उसकी तारीफ सुनकर वह फूल नहीं समा रहा था।
- दोनों नेता एक-दूसरे से हाथ मिलाकर मिले।
(ई) [HSLC '13]
प्रश्न:
- आग में घी डालना
- नाक में दम करना
- नाक रगड़ना
उत्तर:
- उसके कटु शब्दों ने आग में घी डाल दिया।
- शरारती बच्चों ने मेरी नाक में दम कर रखा है।
- गलती के लिए उसे सबके सामने नाक रगड़नी पड़ी।
(उ) [HSLC '14]
प्रश्न:
- तूती बोलना
- नाक कटना
- साँप सूँघ जाना
उत्तर:
- आजकल उसके काम की हर जगह तूती बोल रही है।
- वह परीक्षा में फेल हो गया, नाक कट गई।
- मास्टर जी के कठिन सवाल पर छात्रों को साँप सूँघ गया।
(ऊ) [HSLC '15]
प्रश्न: निम्नलिखित वाक्यों में दो-दो मुहावरों का प्रयोग करो –
(i) श्रेष्ठ व्यक्ति को सफलता मिलती है।
(ii) मैंने एक बुद्धिमान आदमी देखा था।
उत्तर:
(i) श्रेष्ठ व्यक्ति को हमेशा ईंट का जवाब पत्थर से देना आता है और वह दाँतों तले उंगली दबा देता है।
(ii) मैंने एक ऐसा व्यक्ति देखा जो अपना उल्लू सीधा करता है और आम के आम गुठलियों के दाम ले आता है।
(ए) [HSLC '16]
प्रश्न:
- हाथ का खेल
- पत्थर की लकीर
- मूँछ होना
- टाल–मटोल करना
उत्तर:
- यह काम मेरे लिए हाथ का खेल है।
- गुरुजी की बात पत्थर की लकीर है।
- उस अधिकारी की बातों में मूँछ होना साफ़ दिखता है।
- वह हमेशा हर काम में टाल–मटोल करता है।
(ऐ) [HSLC '17]
प्रश्न:
- आस्तीन का साँप
- हाथ बाँध लेना
- होश–हवास
- त्योरी चढ़ाना
- मन में बसना
उत्तर:
- वह मेरा दोस्त बनकर दुश्मनी कर रहा था, वह आस्तीन का साँप है।
- डर के मारे वह हाथ बाँध कर खड़ा रहा।
- यह सुनकर मेरे होश–हवास उड़ गए।
- बात सुनकर वह त्योरी चढ़ाने लगा।
- वह सादा स्वभाव का लड़का सबके मन में बस गया।
1. [HSLC '18]
प्रश्न:
- नमक–हराम
- हाथ की सफाई
- गलती का हार
उत्तर:
- वह मालिक की बात नहीं मानता, वह नमक–हराम है।
- जेबकतरे ने अपनी हाथ की सफाई से पर्स निकाल लिया।
- अंत में उसे गलती का हार पहनना पड़ा।
2. [HSLC '19]
प्रश्न: वाक्य में दो मुहावरों का प्रयोग करो:
(i) आँखों में आँसू; ईंट का जवाब;
(ii) चोट पे नमक; दाँतों तले उंगली
उत्तर:
(i) उसकी विदाई पर मेरी आँखों में आँसू भर आए, पर मैंने ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
(ii) उसने मेरी चोट पर नमक छिड़का और लोग उसकी चालाकी देखकर दाँतों तले उंगली दबा बैठे।
3. [HSLC '20]
प्रश्न:
निम्नलिखित मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करो –
- अपना उल्लू सीधा करना
- आम के आम गुठलियों के दाम
- ईंट का जवाब पत्थर से देना
- दाँतों तले उंगली दबाना
उत्तर:
- वह हर काम में अपना उल्लू सीधा करता है।
- इस योजना से हमें आम के आम गुठलियों के दाम मिले।
- हमने दुश्मन को ईंट का जवाब पत्थर से दिया।
- उसकी कला देखकर सबने दाँतों तले उंगली दबा ली।
4. [HSLC '22]
प्रश्न: निम्नलिखित में से किन्हीं दो मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करो:
- अँगूठा दिखाना
- अंधे को लकड़ी
- कलम तोड़ना
- गड़े मुर्दे उखाड़ना
उत्तर:
- सरकार के नियम को लोगों ने अँगूठा दिखा दिया।
- वह परीक्षाओं में इतनी अच्छी लिखावट करता है कि कलम तोड़ देता है।
- अब पुरानी बातों को मत छेड़ो, गड़े मुर्दे उखाड़ने से कोई फायदा नहीं।
5. [HSLC '23]
प्रश्न: किन्हीं दो मुहावरों का वाक्य में प्रयोग करो:
- अपना उल्लू सीधा करना
- आस्तीन का साँप
- ईंट का जवाब पत्थर से देना
- किताब का कीड़ा होना
उत्तर:
- वह हर मौके पर अपना उल्लू सीधा करता है।
- वह दिखावे में मित्र है पर असल में आस्तीन का साँप है।
- वह दिन-रात पढ़ता रहता है, वह तो किताब का कीड़ा है।
6. [HSLC '24]
प्रश्न: किन्हीं दो मुहावरों का वाक्यों में प्रयोग करो:
- अपने पैरों पर खड़ा होना
- अंगारे उगलना
- अंधे की लकड़ी
- उन्नीस–बीस का अंतर होना
उत्तर:
- कठिनाइयों से लड़कर वह आज अपने पैरों पर खड़ा हो गया है।
- भाषण में नेता ने सरकार पर अंगारे उगल दिए।
- तुम्हारे और उसके काम में उन्नीस–बीस का अंतर है।
7. [HSLC '25]
प्रश्न: किन्हीं दो मुहावरों का वाक्य में प्रयोग करो:
- अपना उल्लू सीधा करना
- आस्तीन का साँप
- ईंट का जवाब पत्थर से देना
- गड़े मुर्दे उखाड़ना
उत्तर:
- वह हर समय अपना उल्लू सीधा करता है।
- वह आस्तीन का साँप निकला जिसने मेरी पीठ में छुरा घोंपा।
- हम शत्रु को ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं।
- पुरानी बातें छेड़कर गड़े मुर्दे मत उखाड़ो।
✳️ अतिरिक्त आवश्यक प्रश्न – मुहावरे
प्रश्न: निम्नलिखित मुहावरों में से किन्हीं पाँच से वाक्य बनाओ –
(क)
- हाथ–पाँव मारना – परीक्षा पास करने के लिए वह दिन–रात हाथ–पाँव मार रहा है।
- हथियार डालना – उसने हार मानकर हथियार डाल दिए।
- नमक–मिर्च लगाना – वह हर बात में नमक–मिर्च लगाकर सुनाता है।
- गुदगुदी होना – उसके मज़ाक से सबको गुदगुदी होने लगी।
- सबक सिखाना – मैंने उसे उसकी हरकत का सबक सिखाया।
- पाव भारी होना – मेहमान के जाते ही लगा जैसे पाँव भारी हो गए।
- अमर–मर करना – बच्चे ने खाना खाने में बहुत अमर–मर की।
(ख)
- टस से मस न होना – वह अपनी बात पर टस से मस नहीं हो रहा है।
- आम बबूल होना – उसकी बातों से आम बबूल हो गए हैं।
- अंधे की लकड़ी – वह तो तुम्हारे लिए अंधे की लकड़ी है।
- सूरज को दिया दिखाना – तुम्हें पढ़ाना सूरज को दिया दिखाने जैसा है।
- अँगूठा दिखाना – उसने काम करने से अँगूठा दिखा दिया।
- हाथ–पाँव मारना – वह नौकरी पाने के लिए हाथ–पाँव मार रहा है।
- नौ–दो–ग्यारह होना – पुलिस को देखकर चोर नौ–दो–ग्यारह हो गया।
लोकोक्तियाँ – HSLC Exam Questions
1. [HSLC '11]
प्रश्न: निम्नलिखित लोकोक्ति का भावार्थ लिखो –
"घर की मुर्गी दाल बराबर (है)"
उत्तर:
अपने घर या अपने लोगों की वस्तु या व्यक्ति की कद्र नहीं होती, जबकि बाहरी चीज़ें ज़्यादा मूल्यवान लगती हैं।
2. [HSLC '12]
प्रश्न: ‘करत करत अभ्यास जड़मति होत सुजान’ – इसका अर्थ लिखो।
उत्तर:
लगातार अभ्यास करने से मूर्ख व्यक्ति भी बुद्धिमान बन जाता है। मेहनत और अभ्यास से सब कुछ संभव है।
3. [HSLC '13]
प्रश्न: लोकोक्ति का आशय स्पष्ट करो –
"जहाँ चाह, वहाँ राह"
उत्तर:
यदि हमारे अंदर किसी कार्य को करने की सच्ची इच्छा हो, तो रास्ता अवश्य निकलता है। दृढ़ संकल्प से कठिन से कठिन कार्य भी संभव हो जाता है।
✳️ अतिरिक्त आवश्यक प्रश्न – लोकोक्तियाँ
इनमें से किसी का भी आशय लिखा जा सकता है:
(i) न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी – कारण ही नहीं रहेगा तो परिणाम भी नहीं होगा।
(ii) आप भले तो जग भला – अगर आप अच्छे हैं तो दुनिया भी अच्छी लगती है।
(iii) बिल्ली के मुँह में झींगा – भाग्यवश किसी को बड़ा लाभ मिल जाना।
(iv) अधजल गगरी छलकत जाय।
भावार्थ:
जो लोग अल्पज्ञान या कम योग्यता वाले होते हैं, वे अधिक दिखावा करते हैं। जबकि ज्ञानी और समझदार व्यक्ति शांत रहते हैं।
(v) अंधों में काना राजा।
भावार्थ:
जहाँ सब अयोग्य हों, वहाँ थोड़ी-सी योग्यता वाला व्यक्ति भी श्रेष्ठ माना जाता है।
(vi) खोदा पहाड़, निकला चूहा।
भावार्थ:
किसी बड़े प्रयास या दिखावे के बाद बहुत ही साधारण या तुच्छ परिणाम निकलना।
(vii) नाच न जाने आंगन टेढ़ा।
भावार्थ:
जो खुद में दोष होता है, उसे छुपाने के लिए लोग दूसरों को दोष देते हैं।
(viii) जिसकी लाठी उसकी भैंस।
भावार्थ:
जिसके पास ताकत होती है, वही अपनी बात मनवाता है। यह अन्याय और बलप्रयोग की स्थिति को दर्शाता है।
(ix) छोटा मुँह करता बड़ी बात।
भावार्थ:
जो व्यक्ति अनुभवहीन या छोटा हो, वह जब बड़े-बड़े दावे करता है तो यह लोकोक्ति प्रयोग की जाती है।
(x) टेढ़ी उंगली से घी निकलना।
भावार्थ:
कुछ काम सीधे तरीके से नहीं होते, उन्हें करने के लिए चालाकी या कठोरता अपनानी पड़ती है।
(xi) धोबी का कुत्ता, न घर का न घाट का।
भावार्थ:
जो व्यक्ति दो जगहों का होकर भी कहीं का नहीं होता, उसकी स्थिति इस लोकोक्ति से व्यक्त होती है।
(xii) अपनी गली में कुत्ता शेर।
भावार्थ:
जो व्यक्ति अपने क्षेत्र में ही बहादुरी दिखाता है और बाहर डरपोक होता है।
(xiii) एक हाथ से ताली नहीं बजती।
भावार्थ:
झगड़ा या विवाद एक व्यक्ति से नहीं होता, दोनों पक्ष जिम्मेदार होते हैं।
(xiv) ऊँट के मुँह में जीरा ।
भावार्थ:
जब आवश्यकता बहुत अधिक हो और उपलब्ध चीज़ बहुत ही कम हो ।
उदाहरण:
- पाँच लोगों के लिए दो रोटियाँ रखना ऊँट के मुँह में जीरा जैसा है।
- इतनी महंगाई में इतनी कम तनख्वाह तो ऊँट के मुँह में जीरा है।

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